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हिमंता बिस्वा सरमा सर्वसम्मति से चुने गए बीजेपी विधायक दल के नेता, इस दिन लेंगे CM पद की शपथ

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : May 10, 2026 11:39 am IST,  Updated : May 10, 2026 12:12 pm IST

हिमंता बिस्वा सरमा आज बीजेपी विधायक दल और एनडीए विधायक दल के नेता चुने गए। सरमा 12 मई को असम के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ लेंगे।

हिमंता बिस्वा सरमा- India TV Hindi
हिमंता बिस्वा सरमा Image Source : PTI

असम में बीजेपी ने नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगा दी है। डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा को सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल और एनडीए विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। हिमंता बिस्वा सरमा 12 मई को असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।

बीजेपी ने विधायक दल का नेता चुनने के लिए पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया था। इसके लिए असम बीजेपी विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें औपचारिक रूप से नेता का चुनाव किया गया। हिमंता बिस्वा सरमा ने 6 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। फिलहाल, वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब नई सरकार के गठन के साथ वह लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

82 सीटों पर बीजेपी ने दर्ज की जीत

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 82 सीटें जीतकर अपनी ताकत साबित की है, जबकि उसके सहयोगी दलों असम गण परिषद (अगप) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 10-10 सीटें हासिल की हैं। इस तरह कुल 102 सीटों के साथ गठबंधन ने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है।

हिमंत बिस्वा सरमा का सियासी सफर

हिमंत बिस्वा सरमा ने 90 के दशक में ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) के सक्रिय नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई और फिर कांग्रेस के साथ मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखा। साल 2001 में जालुकबारी सीट से पहली बार विधायक बनने के बाद वे पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार और सरकार के 'संकटमोचक' बनकर उभरे। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम मंत्रालयों को संभालते हुए उन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया, लेकिन 2015 में कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी से मतभेदों के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी का दामन थाम लिया।

भाजपा में शामिल होते ही सरमा को NEDA (North-East Democratic Alliance) का संयोजक बनाया गया, जिसके बाद उन्होंने असम सहित मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय जैसे राज्यों में बीजेपी और उसके सहयोगियों की सरकार बनवाने में 'चाणक्य' जैसी भूमिका निभाई। 2016 में असम में पहली बार बीजेपी की सरकार बनाने में उनका अहम योगदान रहा और वे सर्वानंद सोनोवाल सरकार में सबसे शक्तिशाली मंत्री रहे। अंततः 2021 के विधानसभा चुनावों में मिली प्रचंड जीत के बाद उनके राजनीतिक कद को स्वीकार करते हुए पार्टी ने उन्हें असम के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी सौंपी।

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